Joint Pain Ke 7 Common Kaaran
जोड़ों के दर्द के 7 आम कारण: सिर्फ बुढ़ापा नहीं, आज की लाइफस्टाइल भी ज़िम्मेदार है
पहले माना जाता था कि घुटनों और जोड़ों का दर्द 60 साल के बाद ही शुरू होता है। आज 25-35 साल के लोग भी सीढ़ियाँ चढ़ते समय घुटने पकड़ लेते हैं।
तो सवाल यह है कि जोड़ों में दर्द क्यों होता है? इस ब्लॉग में हम 7 आम कारण आसान भाषा में समझेंगे, और यह भी देखेंगे कि आयुर्वेद इस बारे में क्या कहता है।
1. उम्र के साथ जोड़ों का घिसना
हमारे जोड़ों की हड्डियों के बीच एक चिकनी परत होती है जिसे कार्टिलेज कहते हैं। उम्र बढ़ने के साथ यह परत धीरे-धीरे पतली होती जाती है। इसी से ऑस्टियोआर्थराइटिस होता है, जो जोड़ों के दर्द का सबसे आम कारण है।
2. बैठे रहने वाली लाइफस्टाइल
घंटों कुर्सी पर बैठने से जोड़ों और मांसपेशियों में अकड़न आती है। जोड़ों को चलने-फिरने से ही पोषण मिलता है। जब हम कम हिलते हैं, तो जोड़ कमज़ोर और सख्त हो जाते हैं।
3. बढ़ा हुआ वज़न
चलते समय घुटनों पर शरीर के वज़न का लगभग 4 गुना दबाव पड़ता है। यानी सिर्फ 5 किलो वज़न बढ़ने से घुटनों पर करीब 20 किलो अतिरिक्त ज़ोर पड़ता है। इसीलिए वज़न कम करना जोड़ों की सबसे बड़ी मदद में से एक है।
4. विटामिन D और कैल्शियम की कमी
भारत में धूप होने के बावजूद विटामिन D की कमी बहुत आम है। ज़्यादातर लोग घर या ऑफिस के अंदर रहते हैं। इसकी कमी से हड्डियाँ कमज़ोर होती हैं और शरीर व जोड़ों में दर्द रहने लगता है।
5. चोट, ग़लत पोस्चर और ज़्यादा इस्तेमाल
पुरानी चोट, ग़लत तरीके से बैठना-उठना, भारी वज़न उठाना या जिम में बिना वॉर्म-अप के एक्सरसाइज़ करना, ये सब जोड़ों को नुकसान पहुँचाते हैं। कई बार दर्द चोट के सालों बाद शुरू होता है।
6. गठिया और यूरिक एसिड
कुछ मामलों में दर्द का कारण रुमेटॉइड आर्थराइटिस या गाउट होता है। रुमेटॉइड आर्थराइटिस में शरीर की इम्यूनिटी ही जोड़ों पर असर करती है। गाउट में खून में यूरिक एसिड बढ़ने से अंगूठे, टखने या घुटने में अचानक तेज़ दर्द और सूजन आती है। इन दोनों में सही जाँच और डॉक्टर की सलाह ज़रूरी है।
7. तनाव, कम नींद और मौसम
लगातार तनाव और कम नींद से शरीर में सूजन बढ़ सकती है और दर्द ज़्यादा महसूस होता है। सर्दी और नमी के मौसम में भी बहुत से लोगों को जोड़ों में अकड़न बढ़ जाती है।
आयुर्वेद इसे कैसे देखता है?
आयुर्वेद में जोड़ों के दर्द को संधिवात कहा जाता है। इसके अनुसार शरीर में वात दोष बढ़ने और पाचन कमज़ोर होने से आम (अधपचा विषैला तत्व) जोड़ों में जमा होने लगता है। इससे जकड़न, दर्द और सूजन होती है। इसीलिए आयुर्वेद में सिर्फ दर्द पर नहीं, पाचन, खानपान और दिनचर्या पर भी ध्यान दिया जाता है।
जोड़ों को सपोर्ट देने के आसान तरीके
- रोज़ 20-30 मिनट टहलें और हल्की स्ट्रेचिंग करें
- हर 45-60 मिनट में बैठे-बैठे उठकर थोड़ा चलें
- वज़न नियंत्रण में रखें
- सुबह की हल्की धूप लें और डॉक्टर की सलाह से विटामिन D की जाँच कराएँ
- हल्का गुनगुना तेल लगाकर मालिश करें
- भोजन में हल्दी, अदरक, लहसुन और हरी सब्ज़ियाँ शामिल करें
- पर्याप्त पानी पिएँ और 7-8 घंटे की नींद लें
अगर आप आयुर्वेदिक सपोर्ट लेना चाहते हैं, तो शल्लकी, निर्गुंडी और अश्वगंधा जैसी जड़ी-बूटियाँ पारंपरिक रूप से जोड़ों की सेहत के लिए इस्तेमाल होती हैं। Telestar का Joint Pain Relief जोड़ों की जकड़न और असुविधा में सहारा देने के लिए बनाया गया है। हमारी बाकी रेंज यहाँ देखें।
डॉक्टर को कब दिखाएँ?
ये लक्षण दिखें तो घरेलू उपायों पर न रुकें:
- जोड़ में लालिमा, गर्माहट या तेज़ सूजन
- बुखार के साथ जोड़ों का दर्द
- चोट लगने के बाद जोड़ हिलाना मुश्किल होना
- सुबह की अकड़न एक घंटे से ज़्यादा रहना
- कुछ हफ्तों में भी दर्द कम न होना
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या जोड़ों का दर्द सिर्फ बुढ़ापे में होता है?
नहीं। बढ़ता वज़न, कम चलना-फिरना, चोट, विटामिन D की कमी और यूरिक एसिड की वजह से कम उम्र में भी जोड़ों का दर्द हो सकता है।
Q2. सुबह उठते ही जोड़ों में अकड़न क्यों होती है?
रात भर जोड़ कम हिलते हैं, इसलिए सुबह वे सख्त लगते हैं। यह अकड़न 30 मिनट में ठीक हो जाए तो आमतौर पर चिंता की बात नहीं। एक घंटे से ज़्यादा रहे तो डॉक्टर को दिखाएँ।
Q3. जोड़ों के दर्द में क्या खाना चाहिए?
हल्दी, अदरक, लहसुन, हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, मेथी और घर का ताज़ा, सादा भोजन फायदेमंद माना जाता है। बहुत तला-भुना और ज़्यादा प्रोसेस्ड खाना कम करें।
Q4. क्या दर्द में आराम करना चाहिए या चलना चाहिए?
चोट या तेज़ सूजन में आराम करें। सामान्य अकड़न और पुराने दर्द में हल्की सैर और स्ट्रेचिंग आमतौर पर मदद करती है।
Q5. क्या आयुर्वेदिक दवा जोड़ों के दर्द में असर करती है?
आयुर्वेदिक उत्पाद जोड़ों की सेहत को सपोर्ट करने के लिए इस्तेमाल होते हैं। असर हर व्यक्ति में अलग होता है और नियमित इस्तेमाल के साथ सही खानपान और व्यायाम भी ज़रूरी है।
Q6. क्या आयुर्वेदिक उत्पाद एलोपैथिक दवा के साथ ले सकते हैं?
अगर आप कोई नियमित दवा ले रहे हैं, तो कोई भी नया सप्लीमेंट शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
Q7. घुटने के दर्द के लिए कौन सी एक्सरसाइज़ ठीक है?
पैदल चलना, साइक्लिंग, तैराकी और हल्की योगासन-स्ट्रेचिंग आमतौर पर ठीक रहते हैं। दर्द बढ़ाने वाली एक्सरसाइज़ और ज़्यादा झुकने वाले आसन न करें।
सूचना: यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। यह किसी डॉक्टर की सलाह या इलाज का विकल्प नहीं है। कोई भी बीमारी होने पर योग्य चिकित्सक से परामर्श करें।